MADAD USIKI KARTE RAM ............................


बच्चों अगर ठान लो मन में ,
नहीं असंभव कोई काम । 
अपनी मदद स्वयं  जो करता ,
मदद उसी की करते  राम। 

अपनी मंज़िल पाने की ,
अगर तुम्हें है ,सच्ची चाह। 
मुश्किलें हो कितनी भी ,
मिल ही जाएगी कोई राह। 

जो धुन के पक्के होते ,
चलते चले जो अविराम। 
चाहे  गर्मी हो  ,चाहे  हो सर्दी ,
चलते रहते सुबहों शाम।

कांटे पैरों में चुबते ,
लबों से जो उफ़ ना करते। 
मंज़िल मिलने  तक ,
परिश्रम से जो ना डरते। 

अपने मात -पिता का ,
और देश का करते हैं नाम। 
सारी दुनियाँ भी इनको ,
करती सदा सलाम। 
------------कुमार महेश---------------→ 





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