फूल बने हम .................. भूलकर न किसी की राहों के शूल बने हम , सदा हँसते सुंगंध बिखेरते हुए फूल बने हम I पत्थर को माथे पर सजाता नहीं कोई , इसके लिए तो पावन स्वर्णिम धूल बने हम I धरा संग न बहे ,न हीं प्रतिरोध करें उसका ,…
Read moreअच्छे दिन आये ,तो सर धुन रहे हो ............ अच्छे दिन आये अच्छे दिन आये तो ,अब सर धुन रहे हो.......... झूठ के सिवाए , कभी कुछ बोला नहीं है I अपने मन को, कभी भी टटोला नहीं है II उससे “मन की बातें” सालों से सुन रहे हो I …
Read moreखास हुनर रखता है …………………………………………. शख्स कमाल का बाजीगर है , हमेशा ही बेखबर रखता है। बातों-जज्बातों मे , कायदों और वायदों में असर रखता हैं।। छल की आगोश में रहें विश्वास , अजब रूहानी नूर रखता …
Read moreप्यार करे तो करें कैसे? प्यार करे तो करें कैसे? जो हमेशा दर्द देते हैं,उनसे प्यार करे तो करें कैसे? कहते कुछ है,करते कुछ,ऐतबार करें तो करें कैसे? हवा के रूख पे जो बदले,गिरगिट की तरह रंग करें। उनको इत्मिनान के रंग से,सरोबार करें …
Read moreजलता सवाल रखा है…………………. हमनें भी कैसा ? अजीब सा -शौक पाल रखा हैं । बेकार ही फितरत में, साफगोई को डाल रखा है।। सच परेशाँ भी हो रहा है , पराजित भी हो रहा है। इस अजांम से दिल में ,बेइन्तहा मलाल रखा है।। छल की दूनिया मे चिट भी उन…
Read moreइंसानी अस्तित्व से , लुप्त होती संवेदना से , विचलित हृदय की कसक काबिल इंसान हो जाऊँ..................... सोचता हूँ की मैं बेशर्म, बेह्हया, बे-ईमान हो जाऊँ। तो इस…
Read moreप्रेम के प्रेमालय सजाऐ.............. आओ चलो आज हम, मजहबी जहर को अमृत बनाये। इस बार जश्ने - ईद और दिवाली सब संग - संग मनायें।। मंदिर ,मस्जिद ,गिरजे और गुरुद्वारे बहुत बने और बनाए। आओ अब साजिश मुक्त, इंसानी प्रेम के प्रेमालय सजा…
Read moreतख्तो-ताज की ख्वाहिश......... टेपिंग, सेटिंग और हसरतों की नुमाइश हो रही हैं। सियासत मे तख्तो-ताज की ख्वाहिश हो रही हैं।। ------------------------------------------------ बिगडे जब बहुमत का गणित,तभी सधता हैं स्व-हित।…
Read moreअच्छे दिन के अरमान ?.......... चमन मे सियासी उठा-पटक के तूफान देख लो। लोकतंत्र की हत्या,नेता का गिरता ईमान देख लो।। मैले संस्कारों से हरी हुई ,नियत खोट से भरी हुई। बकरा-मंडी मे बकरो से हो रहे हैं नीलाम देख लो।। कोरोना से कुर्सी प…
Read moreजिन्दगी इम्तिहानों मे हैं............. जवानी भी गई, तेवर भी गये,उम्र मेरी अब ढलानों मे हैं । दुनिया सिखाती हैं सबक, जिन्दगी जैसे इम्तियानों मे हैं। । सूरत और सीरत भली हो भी, तो हासिल क्या हो पायेगा। झूठ के दौर में सच है खामोश…
Read morehttps://m.facebook.com/story.php?story_fbid=934791390359346&id=100014854815822
Read moreछूना भी मजाल है............. आई बीमारी यह कैसी भारी सारे जग का बुरा हाल है। काल के जाल में फंसा हैं मानुष, बडा ही निढाल हैं।। यह बात है बिल्कुल सच,विपदा लाता इंसानी लालच, बुद्धि विपरीत जब हो जाती , आता विनाश का…
Read moreपाँव के छालों से पूछ... ..... . दर्द है हमारे पैरों में कितना, पाँव के छालों से पूछ , भूख क्या होती है ?भूखे बच्चो के निवालों से पूछ . हम कामगार हैं, श्रम से अपनी किस्मत बनाते है , बदकिस्मती हमारी, तक़दीर पे लग…
Read more
TEACHING FILES
कक्षा -12 हिंदी साहित्य –पाठ -1 “जयशंकर प्रसाद” ( क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया…
Social Plugin