छूना भी मजाल है............. आई बीमारी यह कैसी भारी सारे जग का बुरा हाल है। काल के जाल में फंसा हैं मानुष, बडा ही निढाल हैं।। यह बात है बिल्कुल सच,विपदा लाता इंसानी लालच, बुद्धि विपरीत जब हो जाती , आता विनाश का…
Read moreपाँव के छालों से पूछ... ..... . दर्द है हमारे पैरों में कितना, पाँव के छालों से पूछ , भूख क्या होती है ?भूखे बच्चो के निवालों से पूछ . हम कामगार हैं, श्रम से अपनी किस्मत बनाते है , बदकिस्मती हमारी, तक़दीर पे लग…
Read moreसामाजिक चेतना गीत आजादी मिली हमेशा, कलम और तलवार से, सिंहासन कम्पित हुए है ,क्रांति की ललकार से।। अहित हमारा करे जो शासन,डरे ना बहिष्कार से। संघर्ष हमारा अब प्रबल हो, हरेक तिरस्कार से। जंजीर गुलामी की तोडो , क्यों …
Read moreकिसे इल्जाम दे.......... ... . मुद्दत से रहे हैं जुल्म,घुटन और डर, किसे इल्जाम दे। शोषण उत्पीडन अब हो रहे घर घर, किसे इल्जाम दे।। दलित को जब भी मारा पीटा ,दलित सब खामोश रहे, हम सबने भी अपनी फेर ली नजर, किसे इल्ज…
Read moreकिसके काम आये है असली सबक तो इंसान को, ठोकरों ने सिखाये है। किताबी इल्म तो कब, कहाँ ,किसके काम आये है। ************************************* जिनको राह दिखाते है , राह के रोड़े बने पाते हैं । वे गैरों सा करते स…
Read moreचक्रव्यूह को तोड़ कर तो देख अपने दिल को भी कभी झिझोड़ कर तो देख। गरीबों की विपदा से नाता जोड कर तो देख।। पटरियों पर ढूँढती है,बूढी आँखे अपना सहारा, अश्रु भीगा आँचल उनका निचोड कर तो देख। चिलचिलाती धूप में …
Read moreबडा ही महत्व है। विद्यार्थी के लिए गुरू का , राजस्थान में चुरू का , राजाओं में पुरू का , बडा ही महत्व है। विज्ञान जगत में अपवादों का, खेतों में खादों का, जीवन में यादों का , बडा ही महत्व है। COMPITION मे…
Read morevalue of time VALUE-OF-TIME § A student who has failed in his exam realises the value of one year. § A mother who has given birth to a premature baby realizes the value of one month. § A weekly editor rea…
Read moreNothing is good or Nothing is bad but thinking makes it so. आज शेक्सपियर के इस कथन पर विचार करने की महत्ती आवश्यकता है हम अपने आधे से अधिक समय को तो दूसरो के गुणों और अवगुणों की समीक्षा में ही व्यर्थ कर देते है जबकि स्वयं …
Read moreअगर आप सोचते है अगर आप सोचते है किं आप हार गए है तो हार गये है। अगर आप सोचते है कि आप में होंसला नहीं। तो सचमुच नहीं है। अगर आप जीतना चाहते है। मगर सोचते है कि जीत नहीं सकते तो आप निश्चित ही जीत नही सकते है। …
Read moreमाँ की महिमा के रंगों से , श्वेत कागज को सजाने में। बहुत लरजते हैं , कंपकपाते है , हाथ आज कलम उठाने में। असीम किरदार को भला कैसे ? लिखे शब्दों के बयाने में । हर नेमत छिपी रहती है , माँ के ह्रदय रूपी खजाने में। आंग…
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कक्षा -12 हिंदी साहित्य –पाठ -1 “जयशंकर प्रसाद” ( क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया…
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