मेरी पहचान कर दो------------ साँसे छिन लो तुम बे-जान कर दो। हमारी जान को अब जान कर दो। ************************* न आहें निकले,न बद्दुआऐं ही मेरी, काट के मेरी जबाँ ,बेजुबान कर दो। **************************…
Read moreघातक लगती है...... फैली जो वैश्विक बीमारी अब ,घातक लगती है । हम इंसानो की लाचारी अब, घातक लगती है ।। हाथ मिलाना करना यारी अब ,घातक लगती हैं। मिलना-जुलना, रिश्तेदारी अब, घातक लगती हैं।। हर प्रिय-प्रियतमा …
Read moreहो अब दरबदर गया......... उसने वादे भी किये और हमेशा मुकर गया, दोस्तो का काम-तमाम कर के निखर गया। अपनी शाहीन बातों में उलझा कर छल गया, इल्जाम हमेशा दूसरो पे लगा के बिफर गया। आह ,आँसू से वो पिघला नहीं, "पत्…
Read moreकसक बहुत होती है......... कसक बहुत होती है, जब भगवानो पर पथराव होते हैं। कानून व्यवस्था को बनाने वालों संग टकराव होते हैं। फूल की जगह पत्थर" हैं, खाली-दिमाग शैतानी-घर हैं , गुमराह हैं युवा ऊर्जा और शक्ति…
Read moreसब परेशान और त्रस्त है............. यह कैसा अजीब सा डर है, ज़िन्दगी बेबस और पस्त हैं। कैदगाहो में कैदी सा जीवन, सब परेशान और त्रस्त है। हैं यह किसके जुर्म की सजा,भले-बुरे सब अभागे बने, साया हैं या बुरी छाया हैं…
Read moreयूँही भटक गया हो इंसान.......... रोगी था,मनोरोगी था,था पागल,सटक गया इंसान, मानो बेअसर थे जहर सारे, यूँही गटक गया इंसान। अपने चैनो-अमन की ख़ातिर,नींद जग की छिनके, जुनून और खुमारी में नाहक, यूँही मटक गया इंसान।…
Read moreप्रेम (LOVE) *आत्मा की सुरभि प्रेम है , है प्रेम ह्रदयों का योग।* *होता अजीब ही एहसास है,हो जब संजोग-वियोग।।* *त्याग तपस्या समर्पण है, किन्तु दुनिया समझे भोग।* *प्रेम पंथ है मुक्ति का , प्रेम को ना समझो कोई रोग।।* …
Read moreफोडते हैं लोग ................................................. **हकीकत से नहीं वास्ता दूर तलक , पर लंबी-लंबी कैसे छोड़ते हैं लोग।** ................................................ **सपने मोहब्बत में अजीब दिखात…
Read moreउम्मीदों के दीए जलाए.... सृष्टि पर संकट है घना, जीवन पर बन काल तना । अंधियारे में छिपे सितारे ,मुश्किल में है हरेक जना। कोरोना के इस भस्मासुर को ,मिलकर मार भगाए। दूर अंधेरा मन का करके ,आशाओं के दीए जलाएं। …
Read moreआँख मूंद लो बस ऐतबार करो.... दर्द से चीखो चिल्लाओ,गिडगिडाओ , तुम्हारे दुख-दर्द का इजहार करो। हर जख्म का इलाज जादुई शब्दों में, आँख मूंद लो बस ऐतबार करो। सच पर या तो हो खामोशी के पहरे, या सच को गिरफ्तार …
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कक्षा -12 हिंदी साहित्य –पाठ -1 “जयशंकर प्रसाद” ( क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया…
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