विषय --- (दुनिया) विधा – गीत ये फरेबी दुनिया मुझे , आती नहीं है रास . मुर्दा जिस्म घुमें आवारा ,जैसे जिन्दा लाश . संवेदन शुन्य बनकर इंसा ,घुम रहे हर ओर . कह रहे फिर भी सभी, ये है…
Read moreबने फिर से सोनचिरैयां भारत,आओ ऐसा करे जतन ...................................... बने फिर से सोनचिरैयां भारत,आओ ऐसा करे जतन . घर घर में खुशियाली हो, हो अपना खुशहाल वतन . हिन्दू ,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई , भारत में न धर्म अनेक…
Read moreफरेब की उम्र लम्बी कहाँ----- मृगतृष्णायें असीम हमारी, मन में छल-प्रपंच जागा है. कर्म करें खोटें ,बन बिन पैंदे के लौटे,सोने पे सुगाहा है. संस्कारविहीन बने हम,संस्कारों की अच्छी बातें करते है . गोबर भरा है जेहन में भीतर…
Read moreजीवन है प्यारे अनमोल , जीवन है प्यारे अनमोल ........... दुनिया है बड़ी ही गोल , हमरा बिगारे भूगोल . मेरी बातें है अनमोल , कर मत तू टालमटोल . जीवन है प्यारे अनमोल ........... खुद के भीतर झांक ना पावै , सा…
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कक्षा -12 हिंदी साहित्य –पाठ -1 “जयशंकर प्रसाद” ( क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया…
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