प्रकृति-अनुकूलित सृजना हो. . समय अच्छा हो ,या बुरा ,कट ही जाता है, अगर समय गुजारने की ,कोई योजना हो. हमने खुद को खुदा माना ,नतीजा सामने है, जग के रखवाले उस रब की,अब प्रार्थना हो. हम मिट्टी के पुतले ,बनाता भी,मि…
Read moreहे सर्वशक्तिमान ! सारी दुनिया आज कर्फ्यू के हवाले. अब सब सोच रहे ,क्या करे बैठे ठाले ? दिल ने कहा कागज़ कलम उठाले . मन की साड़ी पीड़ा लिख डाले . दुनिया के चलन अजब- निराले . सिकंदर है ये ,कुछ मन के काले . खुदखुशी …
Read moreबंद ,भारत है आजकल ..........23-03-2020 जो दिखती नहीं चमन में, सदाकत है आजकल. (सच्चाई) गली-गली चौराहों पर दिखती, क़यामत है आजकल. कुर्सी की खातिर सिद्ध करना पडे, बहुमत है आजकल. पद, प्रतिष्ठा,पॉवर,पैसा ना मिले, …
Read more 😂 कुछ मीठा ,कुछ खट्टा 🥳 --- हर गली ,सडक ,चौराहे, पर, सन्नाटा,ख़ामोशी सी छाई है. कोरोना के कोविड़19 ने कैसे , पुरे विश्व की बैंड बजाई है . सीलबंद सीमायें, घर द्वार बंद , पडोसी दूर ,दूर -दूर भाई-भाई है , …
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कक्षा -12 हिंदी साहित्य –पाठ -1 “जयशंकर प्रसाद” ( क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया…
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