देश में फैला हुआ कोरोना है .......





19-03-2020
 
देश में फैला हुआ कोरोना है ..........१९-०३-२०२०

हम -तुम हमारी प्राण प्रिये के , हाथों का खिलौना है .
उनके  पास  हथियार अचूक ,रूठना -रोना -धोना है.
आँखों की चमक,रूप की महक रहे रोशन उनकी,
महज इसी खातिर हमको , गधा बन बोझा  ढोना है.
चाट-पकोड़ी , वाकिंग-शोपिंग  हसरत है उनकी ,
वेतन मिलते ही चाहे नये कपडे,मांगे चांदी-सोना है.
पर आज दिखा शयनकक्ष से गायब, उनका पलंग मुझे  ,
साथ में गायब ,लत्ते-कपडे ,मेकअप-सेकअप और बिछोना है.
चलो  चिक-चिक से मिली निजात , हम बड़े थे प्रसन्न,
आज़ादी से  टी.वी. देखेंगे  ,चैन से रात को सोना है .
किन्तु डायंनिंग टेबल पर ,जब आया खाना-दाना  ,
थे थाली, कटोरी ,चमचा नदारद,केवल पत्तल -दोना है .
सबब पूछा जब श्रीमती से , इस कर्पण कृत्य का,
बदले –बदले स्वर थे ,मास्क से ढका मुहं सलोना है .
ना तो थाली परोसी मुझे , ना उन्होंने  की  मनुहार ,
 आदेश दिया - खाने के बाद ,सैनेटीजर से हाथ धोना है.
दिन रात कविता ही लिखो ,वैसे भी तुम कुछ करो-ना .
चुप चाप अपने कक्ष में जाना  , अकले ही अब सोना है.
सारे दिन टी.वी. चैनलों को बदलूँ , ना हास्य ना गाना है.
मुझ को भी अब पता लगा है ,देश में फैला हुआ कोरोना है .
(कुमार महेश १९-०३-२०२०)

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