इंसानों में संयम का टोटा है ……
लोक डाउन में इस तरह हम खुशियां ढूंढ लेते हैं।
कहाँ इतनी ऊंचाई होती…
 प्रकृति-अनुकूलित सृजना हो
हे सर्वशक्तिमान !