इंसानों में संयम का टोटा है …… सच ! इंसानों में संयम का टोटा है . मन इनका चंचल बड़ा खोटा है . कथनी और करनी में रख ते अंतर , बांटे हर बात में , घात का मंतर , अब इंसान बिन पैंदे का लोटा है . सच ! इ…
Read moreलोक डाउन में इस तरह हम खुशियां ढूंढ लेते हैं। कभी ऊपर घूम लेते हैं , कभी नीचे घूम लेते हैं , दिनभर करते रोमांस , प्रियतम संग झूम लेते हैं। लोक डाउन में इस तरह हम खुशियां ढूंढ लेते हैं। कभी सब्जी काट लेते हैं , कभी आट…
Read moreकहाँ इतनी ऊंचाई होती… . 27-03-2020 रब ने हमारी वाली जल्दी में ना बनाई होती . वह बी.पी.एल.कोटे से ही वो क्यूँ आई होती . …
Read moreप्रकृति-अनुकूलित सृजना हो. . समय अच्छा हो ,या बुरा ,कट ही जाता है, अगर समय गुजारने की ,कोई योजना हो. हमने खुद को खुदा माना ,नतीजा सामने है, जग के रखवाले उस रब की,अब प्रार्थना हो. हम मिट्टी के पुतले ,बनाता भी,मि…
Read moreहे सर्वशक्तिमान ! सारी दुनिया आज कर्फ्यू के हवाले. अब सब सोच रहे ,क्या करे बैठे ठाले ? दिल ने कहा कागज़ कलम उठाले . मन की साड़ी पीड़ा लिख डाले . दुनिया के चलन अजब- निराले . सिकंदर है ये ,कुछ मन के काले . खुदखुशी …
Read more
TEACHING FILES
कक्षा -12 हिंदी साहित्य –पाठ -1 “जयशंकर प्रसाद” ( क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया…
Social Plugin