प्रेम (LOVE) *आत्मा की सुरभि प्रेम है , है प्रेम ह्रदयों का योग।* *होता अजीब ही एहसास है,हो जब संजोग-वियोग।।* *त्याग तपस्या समर्पण है, किन्तु दुनिया समझे भोग।* *प्रेम पंथ है मुक्ति का , प्रेम को ना समझो कोई रोग।।* …
Read moreफोडते हैं लोग ................................................. **हकीकत से नहीं वास्ता दूर तलक , पर लंबी-लंबी कैसे छोड़ते हैं लोग।** ................................................ **सपने मोहब्बत में अजीब दिखात…
Read moreउम्मीदों के दीए जलाए.... सृष्टि पर संकट है घना, जीवन पर बन काल तना । अंधियारे में छिपे सितारे ,मुश्किल में है हरेक जना। कोरोना के इस भस्मासुर को ,मिलकर मार भगाए। दूर अंधेरा मन का करके ,आशाओं के दीए जलाएं। …
Read moreआँख मूंद लो बस ऐतबार करो.... दर्द से चीखो चिल्लाओ,गिडगिडाओ , तुम्हारे दुख-दर्द का इजहार करो। हर जख्म का इलाज जादुई शब्दों में, आँख मूंद लो बस ऐतबार करो। सच पर या तो हो खामोशी के पहरे, या सच को गिरफ्तार …
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कक्षा -12 हिंदी साहित्य –पाठ -1 “जयशंकर प्रसाद” ( क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया…
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