कसक बहुत होती है......... कसक बहुत होती है, जब भगवानो पर पथराव होते हैं। कानून व्यवस्था को बनाने वालों संग टकराव होते हैं। फूल की जगह पत्थर" हैं, खाली-दिमाग शैतानी-घर हैं , गुमराह हैं युवा ऊर्जा और शक्ति…
Read moreसब परेशान और त्रस्त है............. यह कैसा अजीब सा डर है, ज़िन्दगी बेबस और पस्त हैं। कैदगाहो में कैदी सा जीवन, सब परेशान और त्रस्त है। हैं यह किसके जुर्म की सजा,भले-बुरे सब अभागे बने, साया हैं या बुरी छाया हैं…
Read moreयूँही भटक गया हो इंसान.......... रोगी था,मनोरोगी था,था पागल,सटक गया इंसान, मानो बेअसर थे जहर सारे, यूँही गटक गया इंसान। अपने चैनो-अमन की ख़ातिर,नींद जग की छिनके, जुनून और खुमारी में नाहक, यूँही मटक गया इंसान।…
Read moreप्रेम (LOVE) *आत्मा की सुरभि प्रेम है , है प्रेम ह्रदयों का योग।* *होता अजीब ही एहसास है,हो जब संजोग-वियोग।।* *त्याग तपस्या समर्पण है, किन्तु दुनिया समझे भोग।* *प्रेम पंथ है मुक्ति का , प्रेम को ना समझो कोई रोग।।* …
Read moreफोडते हैं लोग ................................................. **हकीकत से नहीं वास्ता दूर तलक , पर लंबी-लंबी कैसे छोड़ते हैं लोग।** ................................................ **सपने मोहब्बत में अजीब दिखात…
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कक्षा -12 हिंदी साहित्य –पाठ -1 “जयशंकर प्रसाद” ( क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया…
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