TEACHING & WRITING BY MK

इस ब्लॉग पर मेरी विभिन्न विषयों पर लिखी गई कविता, कहानी, आलेख और शिक्षण सामग्री का प्रकाशन किया जाता है.
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माँ (Mother)

माँ (Mother)

माँ की महिमा के रंगों से , श्वेत कागज को सजाने में। बहुत लरजते हैं , कंपकपाते है , हाथ आज कलम उठाने में। असीम किरदार को भला कैसे ?...
हम मनमोजी परिंदे है....................

हम मनमोजी परिंदे है....................

अंगुली उठाना मुनासिब नहीं..................

अंगुली उठाना मुनासिब नहीं..................

अंगुली उठाना मुनासिब नहीं.................. ****** ----- ******* ----- ****** मसीहाओं की मैली नियत,सच बताना मुनासिब नही...
मजदूर

मजदूर

*मजदूर* मन में नहीं संकीर्णता हृदय में विशालता,व्यापकता। इनका आचरण नहीं छद्म, होती सदा वास्तविकता। रहते सदा स्वेद से सिचिंत, पर दाने...