छूना भी मजाल है............. KUMAR MAHESH 9:39 PM 1 Comment Edit छूना भी मजाल है............. आई बीमारी यह कैसी भारी सारे जग का बुरा हाल है। काल के जाल में फंसा हैं मानुष, बडा ही निढाल हैं।। ...
पाँव के छालों से पूछ......... KUMAR MAHESH 9:30 PM Add Comment Edit पाँव के छालों से पूछ... ..... . दर्द है हमारे पैरों में कितना, पाँव के छालों से पूछ , भूख क्या होती है ?भूखे बच्चो के निवालों ...
सामाजिक चेतना गीत KUMAR MAHESH 12:09 AM Add Comment Edit सामाजिक चेतना गीत आजादी मिली हमेशा, कलम और तलवार से, सिंहासन कम्पित हुए है ,क्रांति की ललकार से।। अहित हमारा करे जो शासन,डरे ना बहि...
किसे इल्जाम दे.............. KUMAR MAHESH 12:11 AM Add Comment Edit किसे इल्जाम दे.......... ... . मुद्दत से रहे हैं जुल्म,घुटन और डर, किसे इल्जाम दे। शोषण उत्पीडन अब हो रहे घर घर, किसे इल्जाम दे।। ...
किसके काम आये है............. KUMAR MAHESH 7:52 PM Add Comment Edit किसके काम आये है असली सबक तो इंसान को, ठोकरों ने सिखाये है। किताबी इल्म तो कब, कहाँ ,किसके काम आये है। *********************...
चक्रव्यूह को तोड़ कर तो देख-------- KUMAR MAHESH 7:44 PM Add Comment Edit चक्रव्यूह को तोड़ कर तो देख अपने दिल को भी कभी झिझोड़ कर तो देख। गरीबों की विपदा से नाता जोड कर तो देख।। पटरियों पर ढूँढत...
OUR GOAL KUMAR MAHESH 4:23 AM Add Comment Edit उद्धेश्य स्वर गुंज रहा है मन में,यह उद्धेश्य हमारा है। मुश्किल पडे कितनी भी,अटल संघर्ष हमारा है। र्धर्य हमें नहीं खोना है, क...
बडा ही महत्व है। KUMAR MAHESH 4:17 AM Add Comment Edit बडा ही महत्व है। विद्यार्थी के लिए गुरू का , राजस्थान में चुरू का , राजाओं में पुरू का , बडा ही महत्व है। विज्ञान जगत में अप...
value of time KUMAR MAHESH 4:11 AM Add Comment Edit value of time VALUE-OF-TIME § A student who has failed in his exam realises the value of one year. § A mother who has g...
मन को उदास मत रखना ........ KUMAR MAHESH 4:03 AM Add Comment Edit Nothing is good or Nothing is bad but thinking makes it so. आज शेक्सपियर के इस कथन पर विचार करने की महत्ती आवश्यकता है हम अपने आधे से...
अगर आप सोचते है KUMAR MAHESH 3:49 AM Add Comment Edit अगर आप सोचते है अगर आप सोचते है किं आप हार गए है तो हार गये है। अगर आप सोचते है कि आप में होंसला नहीं। तो सचमुच नहीं है। अगर ...
माँ (Mother) KUMAR MAHESH 9:41 PM Add Comment Edit माँ की महिमा के रंगों से , श्वेत कागज को सजाने में। बहुत लरजते हैं , कंपकपाते है , हाथ आज कलम उठाने में। असीम किरदार को भला कैसे ?...